Wednesday, April 13, 2011

एक गीत की वो आवाज़ जो जब किसी हिन्दुस्तानी के कानो मैं पड़ती है तो उसे बड़ा सुकून देती है


एक गीत की वो आवाज़ जो जब किसी हिन्दुस्तानी के कानो मैं पड़ती है तो उसे बड़ा सुकून देती है
भारतीय संगीत की दुनिया मैं बड़े ही अद्व के साथ लिया जाने वाला नाम पण्डित भीमसेन गुरुराज जोशी भारतीय संगीत-नभ के जगमगाते सदा लिए डूवचूका है अब उन्हें प्रत्यक्ष तो सुना नहीं जा सकता, हाँ, उनके स्वर सदियों तक अन्तरिक्ष में गूँजते रहेंगे.
सुर ताल को अपनी आवाज़ मैं बाँध केर गाने वाले पंडित जी अद्भुभूत तरीके से गाते थे अलवेला सन यो रे ,,और ठुमक ठुमक पग कुमत कुञ्ज ,चपल चरण हरी आये सादे पहनावे, रहन-सहन और स्वभाव वाले भीमसेन जी को अपने बारे में कहने में हमेशा संकोच रहा। यह मेरा सौभाग्य ही है पण्डित भीमसेन जोशी ने जहाँ एक ओर अपनी विशिष्ट शैली विकसित करके किराना घराने को समृद्ध किया, वहीँ दूसरी ओर अन्य घरानों की विशिष्टताओं को भी अपने गायन में समाहित किया। उन्होंने राग कलाश्री और ललित भटियार जैसे नए रागों की रचना भी की। उन्हें खयाल गायन के साथ-साथ ठुमरी, भजन और अभंग गायन में भी महारत हासिल थी। पंडित जी ने कई फिल्मो मैं अपनी अनमोल गायन प्रतिभा का योगदान दिया है - 'ठुमक ठुमक पग कुमत कुञ्ज मग, चपल चरण हरि आये ....'I इस फिल्म के संगीतकार जयदेव थे. फिल्म के इस गीत को 1985 में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के लिए वर्ष का सर्वश्रेष्ठ गीत (पुरुष स्वर) के रूप में पुरस्कृत किया गया थाI पंडित जी भले ही आज हमारे साथ नहीं हैं लेकिन उनकी मधुर स्वर्णिम आवाज़ हमेशा उनको हमारी आँखों मैं सदा के लिए जिन्दा रखेगी आज पंडित भीमसेन जोशी हमारे बीच मौजूद नहीं। लेकिन उनकी मधुर इस संसार को उनकी हमेसा याद दिलाती रहेगी

Monday, April 19, 2010

विवादों के थरुर



पूर्व विदेशराज्य मंत्री शशि थरुर का विवादों से चोली दामन का साथ रहा है । शशि थरुर यूपीए सरकार में 11 महीने रहे...मंत्री बनने के बाद शशि का ये छठा विवाद है...जिसके बाद उनको विदेश राज्य मंत्री की कुर्सी से हाथ धोना पड़ा ।
1-थरुर का पहला विवाद
शशि थरुर सबसे पहले विवादों में तब आए जब सरकार के खर्च घटाओं अभियान के दौरान वो पांच सितारा होटल में ठहरे हुए थे । जिसके बाद उनकों तुरंत होटल खाली करना पड़ा ।
2-थरुर का दूसरा विवाद
सरकार के खर्च घटाओं अभियान के दौरान मंत्रियों के विमान की लक्जरी क्लास में यात्रा करने पर लगी पाबंधी पर थरुर ने टि्वटर पर इकोनोमी क्लास को कैटल क्लास कहा....
3-थरुर का तीसरा विवाद
थरुर ने कहा लोगों को गांधी जयंती पर छुट्टी मनाने के बजाय काम करना चाहिए..
4-थरुर का चौथा विवाद
थरुर ने सरकार की वीजा नीतियों की सार्वजनिक तौर पर आलोचना की ..उन्होने यहा तक कह डाला कि 26/11 को मुंबई हमले के हमलाबर और हेडली वीजा लेकर नही आए
5-थरुर का पांचवा विवाद
थरुर ने नेहरु की विदेश नीति की सार्वजनिक तौर आलोचना की इसके बाद थरुर कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष जनार्दन द्विवेदी ने बकायदा कांग्रेस दफ्तर में बुलाकर पार्टी की नीति समझाई औऱ उन्हे चुप रहने की नसीहत दी
6-थरुर का छटा विवाद
थरुर का छटा विवाद तब सामने आया जब आईपीएल कामिश्नर ललित मोदी ने टि्वटर पर कोच्चि टीम के शेयर धारकों के नाम खोले जिनमें थरुर की महिला मित्र सुनंदा पुष्कर का भी नाम है..मोदी की टूवीट से उठा ये विवाद थरुर को काफ़ी मंहगा पड़ा ...उन्हें अपना मंत्री पद गवाकर अपनी महिला मित्र को फ़ायदा पहुचाने की कीमत चुकानी पड़ी






Friday, April 16, 2010

मोदी नही फफूंदी है




आईपीएल के कमिश्नर ललित मोदी की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में आज बीसीसीआई के सभी बड़े अधिकारी मिलेंगे। जाहिर है ललित मोदी और आईपीएल विवाद पर भी इस मुलाकात में चर्चा होगी ... आईपीएल एक भारतीय टूर्नामेंट और इसमें कोई भी बाहरी टीम शामिल नहीं है। ऐसे में आबुधाबी में आईटी जांच का कोई तुक नहीं बनता है। खेल खेल में आईपीएल अब धीरे-धीरे विवादों में घिरता जा रहा है। थरूर, मोदी और कोच्ची टीम के बीच छिड़ी जंग के बाद अब आयकर विभाग ने आईपीएल दफ्तर पर छापा मारा.. मुंबई में बानखेड़े स्टेडियम बीसीसीआई बिल्डिंग के आईपीएल दफ्तर में आयकर विभाग की टीम जांच के लिए पहुंची। इस बीच आयकर विभाग ने आईपीएल कमिश्नर ललित मोदी को भी समन जारी किया। बीसीसीआई बिल्डिंग के चौथे माले पर आईपीएल का दफ्तर पर पूछताछ की गई । जहां आईपीएल से जुड़े तमाम कागजात हैं। आयकर विभाग अब आईपीएल से जुड़े तमाम कागजात खंगाल रहा है। आयकर विभाग की टीम आईपीएल टीमों की फंडिंग को लेकर भी जांच करेगी। टैक्स चोरी करने के शक के आधार पर आयकर विभाग की टीम जांच के लिए पहुंची। आयकर विभाग की टीम ने धारा 131 के तहत ये जांच कर रही है। वहीँ आयकर विभाग की टीम ने आईपीएल कमिश्नर ललित मोदी से पूछताछ की। वहीं मुंबई के फोर सीजंस होटल में मोदी के निजी कमरे को आयकर विभाग ने सील कर दिया है। कमरे में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। आयकर विभाग की टीम आईपीएल में लगे विदेशी पैसों की भी जांच कर रही है। पूरे मामले में खेल तो पीछे रह गया है औऱ राजनीति शुरु हो गई है अब इन्हे कोई समझाए कि अरे भाई खेल को खेल रहने दो अखाड़े औऱ राजनीति का मैदान नही बनाए

अमर वाणी




मुलायम सिंह यादव डान हैं,ये कहना है समाजवादी पार्टी के पूर्व महासचिव अमर सिंह का। अमर सिहं ने देवरिया में एक रैली को संबोधित करते हुए सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव पर जमकर निशाना साधा। और अमर सिंह को डॉन कह डाला.जब कभी मुलायम पर कोई तीखी टिपप्णी करता था तो उसे अमर सिंह ही जबाब देते थे क्यो कि उस वक्त मुलायम बहुत ही सीधे इंसान थे लेकिन आज वही सीधे इंसान अमर के लिए डॉन बन गये है

Monday, June 8, 2009

मेरी मां, जन्नत मुजको दिला दी जिसने दुनिया मैं


जन्नत मुजको दिला दी जिसने दुनिया मैं

वो है मेरी माँ

दुनिया मैं जीने का हक दिया मुजको

वो हे मेरी माँ

कचरे का डेर नदिया किनारा था मेरा

मुजको अपनी दुनिया ली

वो हे मेरी माँ

रात का अंधेरा मेरी आखो का डर

मेरे डर मेरी ताकत बनी

वो हे मेरी माँ

मैं डर क़र ना सोया पूरी रात कभी

मेरे लिए जागकर मुझे सुलाया

वो हे मेरी माँ

कभी परेशानी मेरा सवब जो बनी

मेरे रास्ते मैं फूल जिसने बिखेरे

वो हे मेरी माँ

मेरे जुर्म की सजा खुद ने

पाई मुजको अपने आचल मैं छुपा लिया

वो हे मेरी माँ

मंदिर मस्जिद ना किसी की खबर मुजको

ना गीता कुरान का ज्ञान मुजको

फिर भी मुजको जहन्नुम से बचायवो

वो हे मेरी माँ 

कहते हे

लोग माँ के कदमो मैं जन्नत होती

हे मैंने कहा

जन्नत से भी जो उपर

हे वो हे मेरी माँ


मुस्तकीम खान



Sunday, May 31, 2009

अपने सजदों के निशां नूर-ए-नजर पर छोड़ दिये मैंने


नज्में 






१-
अपने सजदों के निशां नूर-ए-नजर पर छोड़ दिये मैंने
वो दो फूल भी न ला सका मेरी मजार पर
२-

अफराद(बहुत ज्यादा) नहीं मिलते यूँ कांधे मय्यतों को।
मुआयदा(वादा) ही करते हैं लोग कयामत से कयामत का।।

३-

आइने में यूँ नहीं दिखती दरार मुझे।
गनीमत है दो चार हम सूरत नहीं शहर में मेरे।।

४-

मेरी तिलाबत से मेरी तकदीर को ना देखो।
मैं अधेरों में भी मंजिल को पा लेता हूँ।।

५-

जंजीरे जकड़ लेती हैं आजाद होने से पहले।
मैं हर गर्दिशों को तोड़ देता हूँ तेरी इबादत से पहले।।
६-

चलायी कलम मैने तो अल्फाज बन गये।
और ऐसे बने अल्फाज की हम खुद ही गुनहगार बन गये।।

७-

लटको न शाखों पर टूट जायेगी ।
जिंदगी की शाम अंधेरों में डूब जायेगी।।

८-

हर उम्मीद का दिया जलाया था मैने हर रात आने से पहले।
अंधेरा ले गया रोशनी मेरी कायनात में आने से पहले।।

९-

गुजारी है कई रातें मैंने मेरे शहर में।
यहां तहजीब से बोलो इज्जत मुफ्त मिला करती है।।
९0
हर गुनाह मैं करता हु इबादत उसकी
की जहन्नुम से भी निकलते है यु खुदा बाले



इश्क किया चीज़ है ख़बर न थी हमको

इश्क किया चीज़ है ख़बर न थी हमको अब ग़ालिब तेरे शहर ने जीना सिख़ा दिया