इश्क किया चीज़ है ख़बर न थी हमको
अब ग़ालिब तेरे शहर ने जीना सिख़ा दिया
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इश्क किया चीज़ है ख़बर न थी हमको अब ग़ालिब तेरे शहर ने जीना सिख़ा दिया
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